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Diya Sain is India's one of the best Indian Women Kushti wrestler of present day scoring 60 medals at a short span. She is from a family of wrestlers. Her father Suraj Pahalwan and Grand father Sh. Rajinder Singh of Village Purbalian, District Mujaffar Nagar Uttar Pardesh , were also very fine wrestlers of their time. Suraj Pahlwan wanted to make his son Dev Sain a good wrestler. Divya followed on the footsteps of her brother at a very young age . Although from a fortune less family , she went on to become a champion in India.

Wednesday, April 29, 2015

Divya Sain at Ghumarmi Dangal , Himachal Pardesh



  घुमारमी हिमाचल प्रदेश हिमाचल में भर गर्मी दंगलों का सीजन होता हैं। जहाँ एक ओर पूरा देश धुप और तपन से परेशान हुआ रहता हैं। वहीँ हिमाचल में मौसम खुशगवार रहता हैं। दंगल भी बढ़िया जगह होते हैं । पहाड़ी के बीचो बीच सेंटर में , जिसके चारों ओर ढलान पर बैठ कर लोग इत्मीनान से दंगल देखते हैं। और इन दंगलों में सबसे बढ़िया और बेहतरीन दंगल होता हैं , घुमारमी का। देश भर के चोटी के पहलवान घुमारमी पहुँचते हैं। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी दिव्या सैन की कुश्ती इस दंगल में हुई , और एक बार नहीं तीन बार। दर्शक दिव्या की कुश्ती देखने के लिए शोर मचाते और दंगल कमिटी दिव्या की कुश्ती करवाती। पहली कुश्ती में दिव्या का मुकाबला हरयाणा की एक तेज तर्रार और वजनी महिला पहलवान के साथ हुआ। कुश्ती बढ़िया चली , लेकिन हरयाणा की महिला पहलवान तीन मिनट में धराशाई हो गई। अगली कुश्ती एक पुरुष पहलवान से हुई जिसे दिव्या ने महज 22 सेकंड में चित्त किया तो एक और पुरुष पहलवान दिव्या सैन से लड़ने आ पहुंचा। दर्शक और कुश्ती के माहिर भी ये कुश्ती देख कर जानना चाहते थे , या यूँ कहूँ आजमाना , परखना चाहते थे। दिव्या ने चुनौती स्वीकार की। पहलवान तगड़ा था , कुश्ती काफी देर ऊपर नीचे रही। दोनों ही पहलवान थककर चूर हो गए थे। अंत में दिव्या ने ईरानी गेर के सांडी तोड़ के पहलवान को चित्त कर , अपने दम ख़म और कुश्ती कला का जो नमूना पेश किया की कुश्ती के बड़े बड़े आलोचकों के मुँह बंद हो गए। दर्शकों का भरपूर मनोरजंन हुआ। दंगल में जान आ गई , शम्मा बंध गया। आखिरी कुश्ती तक दर्शकों ने सांस रोके दंगलों देखा जिसमे नवीन मोर पहलवान हरकेश उर्फ़ बड़े खली से लड़े , जिनमे उन्हें जीत प्राप्त हुई। 

Ghumarmi Himachal Pardesh, 
During the summer season in India, the Himalayan state Himachal pradesh is beaming with traditional wrestling competitions. People sit along the slopes of the hills comfortably watching wrestlers compete. The dagnal of Ghumarmi is one the best dangal of Himchal Pardesh. This season people want to see wrestler Divya sain fight and that is how she ended up fighting three matches in a row. In the first she fought with a big women wrestler of Haryana and defeated her easily, in the second match she fought with a male wrestler and pinned him within 20 seconds. seeing this a good wrestler came to challanage Divya, now the public and the wrestling specialists want to see whether divya would accept the challenge. to their dismay not only Divya accepted the chllanage but also pinned her opponent however after a long and heavy fight in which both the wrestler tied to the core. the dangal went well in which the first match was fought between Naveen More and Harkesh big Khali. Naveen won the bout and became Hind kesri. Both the wrestlers would be remembered for a long time for their spectacular performance. 



Delhi State Wrestling - Sub Junior championship.


Delhi State Wrestling - Sub Junior championship.

 This is the final bout of wrestler Divya sain at the sub junior wrestling championship 2015 held at Ludlow Castle School , New Delhi. Divya Won Gold in this championship.

दिल्ली राज्य सब जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता 2015 इस प्रतियोगिता में दिव्या सैन की ये फाइनल कुश्ती हैं। मेघा को हरा कर दिव्या सैन ने गोल्ड मेडल जीता।

Divya Fights at Pachota


पछोता जिला बुलंदशहर उत्तर प्रदेश का दंगल। पछोता के दंगल में दिव्या सैन की कुश्ती एक पुरुष पहलवान से हुई। छ सौ साल से भी ज्यादा पुराने इस दंगल में , दिव्या सैन के साथ न्याय हुआ या अन्याय आप खुद देखिये। दिव्या को कुश्ती जीतने पर भी , कुश्ती नहीं दी गई।

The traditional wrestling competition of Pachota has been taking place since more than 600 years. While the competition is a reputed one the referees did not performed to their reputation . Divya pins her male opponent neatly but the match was not given in her favour. I wish the referees could do her a good favour.



School National games Kanpur - Divya bags Gold


In this video wrestler Divya sain fights in 70 kg School national games, held at Kanput uttar pardesh. She fought with Jyoti Mor of Haryana and defeated her in the final match. यह कुश्ती स्कूल नेशनल गेम्स कानपूर उत्तर प्रदेश की हैं। इस कुश्ती में दिव्या , हरयाणा की ज्योति मोर से फाइनल मुकाबला कर रही हैं। ज्योति को हरा कर दिव्या राष्ट्रीय स्कूल चैंपियन बनी।

School National games Kanpur - Divya bags gold


In this video wrestler Divya sain fights in 70 kg School national games, held at Kanput uttar pardesh. She fought with Jyoti Mor of Haryana and defeated her in the final match. 

 यह कुश्ती स्कूल नेशनल गेम्स कानपूर उत्तर प्रदेश की हैं। इस कुश्ती में दिव्या , हरयाणा की ज्योति मोर से फाइनल मुकाबला कर रही हैं। ज्योति को हरा कर दिव्या राष्ट्रीय स्कूल चैंपियन बनी।

 

Safai Mahotsav :- Divya fights with Anshu Tomar




This video contains a wrestling bout of wrestler Divya Sain with senior wrestler Anshu Tomar. Anshu tomar is a strong women wrestler of India. She is the winner of the Prize Yash Bharti from the Uttar Prdesh Government. Anshu tomar is also an International Wrestler. While Divya sain play in Junior catergory and much junior to Anshu tomar , she fought well with Anshu tomar and went down in the last moments.

अंशु तोमर भारत की एक बड़ी और सीनियर महिला कुश्ती खिलाडी हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार से यश भारती के खिताब से भी नवाजा गया हैं। सैफई दंगल में हुए एक बड़े मुकाबले में दिव्या सैन ने सब जूनियर केटेगरी की खिलाडी होने के बावजूद अंशु तोमर का डट कर मुकाबला किया और कुश्ती के अंतिम क्षणों तक कुश्ती को रोमांचक बनाये रखा। उनकी कुश्ती से खुश होकर सपा सुप्रीमो माननीय मुलायम सिंह जी ने पांच सौ रूपये नकद इनाम दिया।


Thursday, April 9, 2015

Wrestler Divya Sain fights at guru Bishambhar Memorial Dangal - Sarai Rohilla , Delhi

यूँ तो दिव्या सैन अभी सब जूनियर लेवल पर राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धाओं में भाग ले चुकी एक महिला पहलवान हैं लेकिन इस महिला पहलवान में अनेकों खासियत हैं। छोटी उम्र में ही दो बार भारत केसरी बन चुकी इस महिला पहलवान ने एक साथ सब जूनीयर और जूनियर व् सीनियर लेवल पर भी राष्ट्रिय स्पर्धाओं में हिस्सा ही नहीं लिया बल्कि दिल्ली प्रदेश के लिए मेडल की झड़ी लगा कर दिल्ली प्रदेश का नाम भी रोशन किया हैं। मूलतः मुजफ्फर नगर उत्तर प्रदेश की रहने वाली दिव्या एक साधारण परिवार की हैं , इनके पिता जी मजदूरी कर दिल्ली के एक किराये के मकान में रह कर गुजर बसर कर रहे हैं। आज दिव्या 23 - 26 अप्रैल 2015 तक , रांची झारखण्ड में होने वाले राष्ट्रिय स्तर के जूनियर और सब जूनियर कुश्ती प्रतियोगिता में दिल्ली की तरफ से 67 किलोग्राम जूनियर व् 70 किलोग्राम सब जूनियर में अपना प्रतिनिधित्व करेगी। देश की इस होनहार महिला पहलवान से कुश्ती जगत को बड़ी अपेक्षाएं हैं। आप सब लोगों के सहयोग व् आशीर्वाद की कामनाये भी। 

 Women wrestler Divya Sain has been continuously taking part in national and international competition at Junior and Sub Junior level. At national she has achieved what a women wrestler in Indian has never , she has become the best wrestler at mud wrestling two times, and has won medal at Senior national championship even after she is a Junior . Divya originates from a distant village of Mujaffar Nagar Uttar Pardesh. Her father has been migrated to Delhi working as a laborer and living on a small dingy rented accommodation. Presently wrestler Divya sain is planning to participate in 67 kg junior and 70 kg sub junior level , national wrestling championship, to be held at Ranchi, Jharkhand. Wrestling community expect a lot more from wrestler Divya Sain, She also deserve appreciation from you and all.









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